5 famous names of Bhagwaan Mahavir- the 24th Tirthankara

भगवान महावीर की जन्म जयंती के उपलक्ष्य पर उनके पाँच नामो से संबंधित संदर्भ आप सभी के समक्ष प्रस्तुत किये जा रहे है, कृपया इसे प्रसारित करेँ।।
(1) वीर:- भगवान के जन्मकल्याणक के समय जव सौधर्म इन्द्र को यह शंका होती है, कि इतना छोटा बालक 1008 कलशोँ के जल का प्रवाह कैसे सहेगा? इन्द्र की इस शंका को अवधिज्ञान से जानकर बालक तीर्थँकर ने अपने पैर से सुमेरु पर्वत पर थोडा सा वल लगाया तथा पूरा पर्वत हिल गया, जिससे प्रभावित होकर इन्द्र ने उनका नाम वीर रखा।।
(2)वर्धमान:- तीर्थँकर भगवान के गर्भ अवतरण के पश्चात ही उनके माता पिता के यश एवं वैभव तथा पुरवासियोँ की संपदा मे अभूतपूर्व वृद्धि हुई, जिस कारण उनके माता पिता ने उनका नाम वर्धमान रखा।।
(3) अतिवीर:- एक बार बालक वर्धमान अपने मित्रोँ के साथ उद्यान मे क्रीडा कर रहे थे, तभी एक देव उनके शौर्य का परीक्षण करने भयंकर सर्प का रुप धारण कर उनके मित्रोँ को सताने लगा, यह देख वर्धमान उसे वश मे करने के लिये उद्यत हुए, उनके इस साहस को देख देव उनके सामने नतमस्तक हुआ. इसी प्रकार उन्होने विना किसी शस्त्र के एक पागल हाथी को शांत किया तथा अपनी इस वीरता के कारण अतिवीर नाम से प्रसिद्ध हुए।।
(4) सन्मति:- एक बार संजय एवं विजय नामक दो आकाशगामी मुनि आकाश से गमन कर रहे थे, उन्हे आत्मा के संदर्भ मे कुछ शंका थी जो तीर्थँकर बालक को देखकर स्वतः ही दूर हो गयी! इस प्रकार मति, श्रुत, अवधि ज्ञान के धारी होने के कारण वे सन्मति नाम से जाने गये।।
(5) महावीर:- इन्द्र के मुख से मुनि वर्धमान की प्रशंसा सुन एक देव, रूद्र का रूप वनाकर विभिन्न प्रकार से उन पर उपसर्ग करने लगा, परंतु उनको जरा भी विचलित न होता देख वह देव बहुत प्रवाभित हुआ, तथा उनसे क्षमा याचना कर उनकी स्तुति करने लगा, एवं इस प्रकार वे महावीर नाम से प्रसिद्ध हुए।।

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